राशिफल एवं शनि की साढ़े साती

शनि की साढ़े साती व ढ़ैया का फल

शनि एक राशि में ढाई वर्ष तक रहता है। जब शनि राशि से बारहवें भाव में शनि प्रवेश करता है उसी समय से साढ़ेसाती प्रारंभ होती है। इस समय साढ़ेसाती मस्तक में कहलाती है । ढाई वर्ष बाद यह राशि में प्रवेश करती है । यह साढ़ेसाती का दूसरा चरण होता है और ह्रदय में कहलाती है तथा चंद्र राशि से द्वितीय स्थान में शनि जब प्रवेश करता है तब साढ़ेसाती का तीसरा चरण प्रारंभ होता है तथा साढ़ेसाती पांव में कहलाती है । इस प्रकार ढाई ढाई वर्ष तीन राशि में भ्रमण से साडे सात वर्ष होते हैं । जब जन्म राशि से दूसरी राशि में शनि प्रवेश करता है तब साढ़ेसाती समाप्त होती है। यदि जन्म का शनि अच्छी स्थिति का हो तो साढ़ेसाती ज्यादा परेशान नहीं करती किंतु जन्म कुंडली में शनि यदि नीच राशि या शत्रु राशि या अशुभ ग्रहों से युक्त हो तो साढ़ेसाती कष्ट करने वाली होती है। यदि जातक की मेष राशि हो तो पहले ढाई वर्ष शुभ मध्य के अशुभ तथा अंत के ढाई वर्ष शुभ होते हैं । वृष राशि वालों के लिए आरंभ के ढाई वर्ष अशुभ मध्य के ढाई वर्ष शुभ तथा अंत के ढाई वर्ष भी शुभ होते हैं । मिथुन राशि वालों के लिए आरंभ के ढाई वर्ष शुभ मध्य के अनुकूल एवं अंत के ढाई वर्ष सामान्य फल देते हैं । कर्क राशि वालों को आरंभ के ढाई वर्ष शुभ मध्य के मिश्रित फल वाले एवं अंत के ढाई वर्ष अशुभ होते हैं। सिंह राशि वालों को आरंभ के 5 वर्ष अशुभ एवं अंत के ढाई वर्ष शुभ होते हैं । कन्या राशि वालों को आरंभ के ढाई वर्ष अशुभ एवं शेष 5 वर्ष शुभ होते हैं । तुला राशि वालों को आरंभ के 5 वर्ष शुभ तथा अंत के ढाई वर्ष अशुभ होते हैं । वृश्चिक राशि वालों को आरंभ के ढाई वर्ष श्रेष्ठ, मध्य के ढाई वर्ष अशुभ तथा अंत के ढाई वर्ष सामान्य फल देते हैं। धनु राशि वालों को आरंभ के ढाई वर्ष अशुभ,मध्य के ढाई वर्ष शुभ तथा अंत के ढाई वर्ष सामान्य फल देते हैं। मकर राशि वालों को आरंभ के ढाई वर्ष शुभ मध्य के ढाई वर्ष सामान्य तथा अंत के ढाई वर्ष श्रेष्ठ फल देते हैं । कुंभ राशि वालों को आरंभ के ढाई वर्ष सामान्य तथा शेष 5 वर्ष शुभ फलदाई होते हैं । मीन राशि वालों को आरंभ के 5 वर्ष शुभ एवं शेष ढाई वर्ष अशुभ होते हैं ।साढ़ेसाती के प्रभाव का आंंकलन करने के साथ ही यह भी देखना चाहिए कि जातक की विंशोत्तरी दशा कैसी चल रही है ? यदि विंशोत्तरी दशा शुभ फल प्रदान करने वाली चल रही है तो वह साढ़ेसाती के अशुभ प्रभाव को भी कम करती है एवं यदि विंशोत्तरी दशा भी अशुभ फल कारी है तो साढ़ेसाती ज्यादा कष्टप्रद होती है। इसका विचार साढ़ेसाती के प्रभाव को देखने में करना नितांत आवश्यक है । मात्र साढ़ेसाती कह देने से की शनि अशुभ है साढ़ेसाती के वास्तविक फल का ज्ञान नहीं होता है।

28 अप्रैल सन 2022 तकं शनि मकर राशि में संचार करेगा -मकर राशि के शनि की साढ़े साती व ढ़ैया का फल - मिथुन राशि को ढ़ैया तांबे के पाए में होने से मानसिक प्रसन्नता,कारोबार मध्यम होगा,आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी ,स्त्री पुत्र सुख होगा। तुला-तुला राशि को ढ़ैया तांबे के पाए में होने से मानसिक प्रसन्नता,कारोबार मध्यम होगा,आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी ,स्त्री पुत्र सुख होगा। धनु राशि -सोने के पाए में पाद में उतरती साढे़ साती होने से मान सम्मान में वृद्धि धन लाभ,कारोबार का विस्तार,मंगल कार्य हो। मकर राशि -लौह के पाए में हृदय में साढे़ साती होने से राशि शारीरिक कष्ट,राज्य भय,स्त्री कष्ट,आर्थिकहानि, पशु हानि होगी। कुम्भ-सोने के पाए में मस्तक पर चढ़ती साढे़ साती होने से मान सम्मान में वृद्धि धन लाभ,कारोबार का विस्तार,मंगल कार्य हो।

12 अप्रैल सन 2022 से राशियों पर राहु का प्रभाव

- दिनांक 12 अप्रैल 2022 को वक्र गति से राहु का मेष राशि में एवं केतु का तुला राशि में प्रवेश हुआ है। राहु का फल - मेष राशि वालों को मानसिक चिंता एवं आर्थिक लाभ में कमी करने वाला है। वृष राशि वालों को राहु 12वें स्थान में स्थित होने से मानसिक अशांति एवं व्यय की अधिकता करने वाला है। मिथुन राशि वालों को राहु एकादश स्थान में होने से लाभ प्रदान करने वाला है। कर्क राशि वालों को राहु के दशम स्थान में स्थित होने से विवाद एवं शत्रु वृद्धि होती है। सिंह राशि वालों को राहु के नवम स्थान में स्थित होने से धार्मिक कार्यों में अरुचि एवं कार्य में बाधा उत्पन्न होती है। कन्या राशि वालों को राहु के अष्टम स्थान में स्थित होने से शारीरिक पीड़ा , उदर विकार संभव है। तुला राशि वालों को राहु के सप्तम स्थान में स्थित होने से पारिवारिक अशांति होती है। वृश्चिक राशि वालों को राहु के छठे स्थान में स्थित होने से आर्थिक लाभ होता है एवं शत्रु पराजित होते हैं। धनु राशि वालों को राहु के पंचम भाव में स्थित होने से मानसिक अशांति होती है एवं संतान पक्ष की चिंता भी होती है। मकर राशि वालों को राहु के चतुर्थ भाव में स्थित होने से पारिवारिक अशांति, व्यर्थ की यात्रा, दौड़ - भाग होती है। कुंभ राशि वालों को तीसरा राहु होने से आर्थिक लाभ उत्तम होता है एवं अपने परिश्रम से लाभ प्राप्त होता है। मीन राशि वालों को द्वितीय भाव में राहु के होने से आर्थिक हानि, धन का अपव्यय एवं आय में कमी होती है। जिन राशि वालों के लिए राहु पीड़ा कारक लिखा गया है उन्हें चाहिए कि राहु के मंत्र का 3 गुणा अर्थात 54000 मंत्र का जाप कराएं एवं दशांश हवन कराएं जिसमें कि दूर्वा को समिधा के रूप में प्रयोग किया जाए तो वह राहु के कुप्रभाव को शांत करेगा।

वैदिक राशिफल क्या है ?

हम सभी जानते है की वैदिक ज्योतिष का सम्बन्ध १२ घर १२ राशियाँ और नौ ग्रहों से है, जानने की कोशिश करते है की ज्योतिष किन सिद्धांतो पर कार्य करता है और इसके पीछे छिपे क्या तथ्य है तथा लाखों लोग इस विज्ञानं से किस प्रकार जुड़े हुए है ! ज्योतिष एक ऐसी कार्य प्रणली है जिसके द्वारा मनुष्यों को अपने पिछले जन्मो के कर्मो का फल प्राप्त होता है ! अच्छे कर्मो का अच्छा फल तथा बुरे कर्मो का बुरा फल ! मान लो यदि आपने अपने पिछले जन्म में अच्छे कर्म किये है तो इस जन्म में आप एक सुखी जीवन व्यतीत करेंगे ! कम परिश्रम से भी अधिक फल की प्राप्ति करेंगे, परन्तु यदि आपने यदि अपने पिछले जन्म में सिर्फ बुरे ही बुरे कर्म किये है तो अगला जन्म आपके बुरे कर्मो का फल देगा ! पूरा जीवन दुःख और परेशानियों से भरा और अधिक से अधिक महनत करने पर भी फल की प्रति नहीं होगी ! और यही कारण है की लाखों लोग जीवन भर संघर्ष करने पर भी कुछ प्राप्त नहीं कर पाते और दूसरी तरफ कम परिश्रमी लोग अपने जीवन में बैठे बीठाय बहुत कुछ हांसिल कर लेते है

तो क्या ऐसा और कोई जरिया नहीं है जिसके द्वारा हम अपने पिछले जन्मों के कर्मो का पश्चताप कर सके और इस जीवन को सुखी कर सके ? जी हाँ यही पर वैदिक ज्योतिष अपनी भूमिका निभाता है, किसी भी जातक की कुंडली में हर एक गृह का अपना कार्य निर्धरित होता है , मान लो यदि गृह द्वारा आपको जीवन में तरक्की प्राप्त होनी है तो उस गृह को आपके लिए यह करना होगा, और यदि किसी गृह के द्वारा आपको जीवन में कष्ट दिए जाने है तो वह कष्ट अवश्य देगा ! हर गृह के द्वारा दिया जाने वाला फल आपके पिछले जन्म के कर्मो द्वारा पूर्व निर्धारित हो जाता है ! आप इन ग्रहों के उचित पूजा पाठ, दान और उपायों द्वारा इनसे मिलने वाले कष्टों में कमी ला सकते है और इन ग्रहों के रत्नों द्वारा इनसे प्राप्त होने वाले शुभ फलों में वृद्धि कर अधिक लाभ उठा सकते है !


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मेष (Mesh)

इसका राशि स्वामी मंगल है तथा यह राशि पूर्व दिशा की स्वामिनी है। यह राशि पुरुष-जाति, लाल-पीले वर्ग, वर्ण कांतिहीन, क्षत्रिय वर्ण, अग्नि तत्व वाली, चर संज्ञक समान अंगों वाली, अल्प सन्ततिवान तथा पित्त प्रकृति कारक है। इसका स्वभाव अहंकारी, साहसी तथा मित्रों के प्रति दयालुता का है। इसके द्वारा मस्तक का विचार किया जाता है। नाम का प्रथम अक्षर जिस राशि के आगे लिखा हो वही राशि होती है एवं उसके आगे लिखा राशिफल सामान्यतया मिलता है । सूक्ष्म फलित विचार जन्म समय के आधार पर निकाली गई दशांओं से करवाना चाहिय े । द्वादश राशि फल एवं शनि की साढे़ साती-ढ़ैया का फल ) नाम का प्रथम अक्षर जिस राशि के आगे लिखा हो वही राशि होती है एवं उसके आगे लिखा राशिफल सामान्यतया मिलता है । सूक्ष्म फलित विचार जन्म समय के आधार पर निकाली गई दशाओं से करवाना चाहिये ।

मेष राशि - चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ - सन 2022 ईस्वी अप्रैल माह से जुलाई मास तक का द्वादश राशिफल- मेष राशि- अप्रैल मास में मेष राशि वालों को कारोबार की उन्नति होगी । आर्थिक लाभ उत्तम होगा। संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी। यात्रा का योग बनेगा तथा कुछ उदर विकार से स्वास्थ्य की चिंता रहेगी एवं व्यय की अधिकता भी होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी। मई मास में मानसिक चिंता रहेगी। आर्थिक लाभ उत्तम होगा । मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा । यात्रा की संभावना है। पत्नी पक्ष की भी चिंता रहेगी। संतान पक्ष से प्रसन्नता प्राप्त होगी। जून मास में कारोबार उत्तम होगा। रुके कार्य बनेंगे। आर्थिक लाभ उत्तम होगा। मानसिक चिंता बनी रहेगी। जुलाई मास में स्वभाव में तेजी रहेगी। आर्थिक लाभ की दृष्टि से समय अनुकूल है। धार्मिक कार्य मैं भी रुचि रहेगी। स्त्री पक्ष से प्रसन्नता होगी । अगस्त 2022 से मार्च 2023 तक का राशिफल । मेष राशि -अगस्त मास में मित्रों से सहयोग मिलेगा, कार्यों में सफलता मिलेगी, धार्मिक कार्य में रूचि रहेगी, मानसिक उलझन भी बनी रहेगी, कभी-कभी उदर विकार भी संभव है। सितंबर मार्च में कारोबार उत्तम होगा, संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी, धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी, स्वभाव में भी कुछ तेजी रहेगी । अक्टूबर मास में कारोबार उत्तम होगा, धार्मिक कार्य में रूचि रहेगी ,स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी, संतान पक्ष की चिंता रहेगी। नवंबर मास में पारिवारिक चिंता होगी, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे, कारोबार का विस्तार होगा, आर्थिक लाभ होगा। दिसंबर मास में स्वभाव में तेजी रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, पारिवारिक चिंता बनी रहेगी, अपना स्वास्थ्य कुछ विपरीत रहेगा, कारोबार उत्तम होगा। जनवरी मास में कारोबार उत्तम होगा, संपत्ति का संचय, क्रय करेंगे, इस अवधि में स्वभाव में तेजी रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। फरवरी मास में कारोबार उत्तम होगा, राज्य पक्ष से लाभ संभव है, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी, धार्मिक कार्य में भी रूचि रहेगी। मार्च मास में कारोबार उत्तम होगा, भूमि मकान वाहन आदि का क्रय संभव है, तथा शुभ कार्य में धन व्यय होने की संभावना है। मेष राशि का राहु एवं तुला राशि का केतु पीड़ा कारक एवं हानि कराने वाले हैं तथा मीन राशि का गुरु चिंता बढ़ाने वाला है। इन की शांति के लिए जप एवं दान करना चाहिए। ग्रहों का उपचार 1. राहु की शांति दान हेतु जौ, चित्रा राजमा की दाल, गहथ की दाल, नमक, काला वस्त्र दक्षिणा सहित दान करना चाहिये।राहु की शांति हेतु त्रिगुणित राहु के मंत्र 54000 का योग्य ब्राह्मण से जप करवाना चाहिए तथा दुर्वा की समिधा से हवन कराना लाभप्रद रहता है । 2.केतु की शांति तिल, चित्राराजमा, काला वस्त्र ,एक चाकू एवं लहसुनिया पत्थर दान करें एवं योग्य ब्राह्मण से केतु की शांति के लिए त्रिगुणित 51 हजार जप करवाएं एवं कुशा की समिधा से हवन कराना लाभप्रद रहेगा। 3.बृहस्पति की शांति पीली चने की दाल पीला वस्त्र कांशी की कटोरी में घी पीले पके केले एवं हल्दी दक्षिणा सहित ब्राह्मण को दान करनी चाहिए तथा गुरु के त्रिगुणित 57000 जप योग्य ब्राह्मण से कराने चाहिए। 4.शनि की शांति शनि की शांति के लिए 69000 शनि के मंत्र का जप कराना चाहिए तथा शनि की समिधा शमी से होम कराना लाभप्रद रहता है । 5.षनि की साढ़े साती व ढ़ैया की षान्ति हेतु महामृत्युंजय के सवा लाख जप तथा षनि के दान व जप कराने चाहिये । काली उड़द, काला वस्त्र, लोहे के छाया पात्र में सरसों का तेल भरकर अपनी छाया देखकर दक्षिणा डालकर दान करें। ा ।

वृषभ (Vrushabh)

इसका राशि स्वामी शुक्र है तथा यह दक्षिण दिशा की स्वामिनी है। यह राशि स्त्री जाति, श्वेत वर्ण, कान्तिहीन, वैश्य वर्ण, भूमि तत्व वाली, स्थिर संज्ञक, शिथिल शरीर, शुभकारक तथा महाशब्दकारी है। इसका स्वभाव स्वार्थी, सांसारिक कार्यों में दक्षता तथा बुद्धिमत्ता से काम लेने का है। इसे अर्द्धजलराशि भी कहा जाताहै

वृष राशि - ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो -सन 2022 ईस्वी अप्रैल माह से जुलाई मास तक का द्वादश राशिफल- वृष राशि - अप्रैल मास में मानसिक चिंता रहेगी । संपत्ति संबंधी कार्यों में सफलता मिलेगी। रुके कार्य बनेंगे। कारोबार उत्तम होगा। मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। मई मास में अनावश्यक व्यय की अधिकता होगी। दूर की यात्रा संभव है। मित्रों से सहयोग मिलेगा। जून मास में अकस्मात यात्रा संभव है। कारोबार उत्तम होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी तथा दौड़ भाग की अधिकता भी होगी। अपने पराक्रम से लाभ प्राप्त करेंगे। संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी। जुलाई मास में व्यय की अधिकता होगी किंतु आर्थिक लाभ भी उत्तम होगा। कार्य में सफलता होगी । संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी। स्त्री पक्ष की चिंता संभव है। अगस्त मास में धार्मिक कार्यों में रुचि होगी, कार्यों में सफलता मिलेगी, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे। सितंबर मास में स्वभाव में तेजी रहेगी, अकस्मात यात्रा का योग बनेगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी । अक्टूबर मास में स्वभाव में तेजी रहेगी, रुके कार्य बनेंगे, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी तथा कुछ पारिवारिक चिंता संभव है। नवंबर मास में शत्रु बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करेंगे, किंतु शत्रु पराजित होंगे तथा आर्थिक लाभ उत्तम होगा, मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, इस अवधि में यात्रा भी संभव है । दिसंबर मास में स्वभाव में तेजी रहेगी, स्वास्थ्य साधारण विपरीत रहेगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, धार्मिक कार्यों में रुचि होगी, पत्नी पक्ष की चिंता संभव है। जनवरी मास में स्वास्थ्य साधारण विपरीत रहेगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, कुछ मानसिक अशांति रहेगी, किंतु मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। फरवरी माह में रुके कार्य बनेंगे, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, स्वभाव में तेजी रहेगी, आर्थिक लाभ होगा। मार्च मास में स्वभाव में तेजी बनी रहेगी, रुके कार्य बनेंगे, राज्य पक्ष लाभ संभव है ,आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कुंभ राशि के शनि से वृष राशि वालों को नया कारोबार, अपने मान सम्मान में कमी होगी। मेष राशि का राहु एवं तुला राशि का केतु पीड़ा कारक एवं हानि कराने वाले हैं एवं शनि पारिवारिक अशांति बढ़ाने वाला है। इन की शांति के लिए विद्वान पंडित से जप एवं दान करा ।

मिथुन (Mithun)

इसका राशि स्वामी बुध है। यह पश्चिम दिशा की स्वामिनी है। यह राशि पुरुष जाति, हरित वर्ण, चिकनी, शूद्र वर्ण, पश्चिम वायु तत्व वाली, ऊष्ण, महाशब्दकारी, मध्यम संतति वाली, शिथिल तथा विषमोदयी है। इसका स्वभाव शिल्पी तथा विद्याध्ययनी है। इसके द्वारा शरीर के कंधों तथा बाजुओं का विचार किया जाता है।

मिथुन राशि - का, की, कू, के, को, हा, छ, घ, ड.- 15- सन 2022 ईस्वी अप्रैल माह से जुलाई मास तक का द्वादश राशिफल- मिथुन राशि - अप्रैल माह में व्यय की अधिकता रहेगी। अनावश्यक मानसिक चिंता भी रहेगी । आर्थिक लाभ सामान्य होगा किंतु स्वास्थ संबंधी चिंता भी संभव है। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा , राज्य पक्ष से लाभ संभव है। मई मास में रुके कार्य बनेंगे तथा भूमि, वाहन ,मकान आदि संपत्ति का क़्रय संभव है । आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे। जून मास में कारोबार उत्तम होगा ,आर्थिक लाभ में प्रगति होगी, कार्य बनेंगे । संतान पक्ष से चिंता संभव है। जुलाई मास में स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी। कार्य में सफलता मिलेगी। पारिवारिक प्रसन्नता रहेगी। यात्रा की संभावना है । अगस्त मास में कार्यों में सफलता मिलेगी, आर्थिक लाभ उत्तम होगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, यात्रा भी संभव है। सितंबर मास में अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे, संपत्ति संबंधी कार्य में सफलता मिलेगी, कारोबार अनुकूल होगा, पारिवारिक प्रसन्नता रहेगी। अक्टूबर मास में संपत्ति संबंधी कार्यों में सफलता मिलेगी, कारोबार उत्तम होगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, संतान पक्ष की चिंता संभव है। नवंबर मास में स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी, संतान पक्ष से प्रश्नता प्राप्त होगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा, कारोबार अनुकूल होगा। दिसंबर मास में स्वास्थ्य साधारण विपरीत रहेगा, मान सम्मान में वृद्धि होगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा, कारोबार अनुकूल होगा, कारोबार के विस्तार या परिवर्तन की भी संभावना है, इस अवधि में पीड़ा संभव है। जनवरी मास में कार्यों में सफलता मिलेगी, रुके कार्य बनेंगे, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, ज्वर आदि से पीड़ा संभव है। फरवरी मास में स्वास्थ्य की चिंता रहेगी, कार्यों में सफलता मिलेगी ,आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा, अपने पराक्रम से लाभ प्राप्त करेंगे। मार्च मास में रुके कार्य बनेंगे, आर्थिक स्थिति अनुकूल होगी, संपत्ति संबंधी कार्य में सफलता मिलेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कुंभ राशि के शनि से मिथुन राशि वालों को शत्रु वृद्धि अपर्यस होता है, मीन राशि का गुरु चिंता बंढ़ाने वाला एवं शनि पारिवारिक अशांति बंढ़ाने वाला है। इन की शांति के लिए विद्वान ब्राह्मण से ग्रहों का जप एवं दान करना

कर्क (Karka)

इसका राशि स्वामी चंद्रमा है। यह उत्तर दिशा की स्वामिनी है। यह राशि स्त्री जाति, रक्त धवल मिश्रित वर्ण, जलचारी, सौम्य तथा कफ प्रकृति वाली, बहुसंतान एवं चरण रात्रिबली तथा समोदयी है। इसका स्वभाव लज्जा, सांसारिक उन्नति के लिए प्रयत्नशील रहना तथा समय के अनुसार चलना है। इसके द्वारा वक्षस्थल पर विचार किया जाता है।

कर्क राशि - ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो सन 2022 ईस्वी अप्रैल माह से जुलाई मास तक का द्वादश राशिफल- कर्क राशि - अप्रैल माह में स्वास्थ्य संबंधी चिंता रहेगी। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। साधारण पारिवारिक चिंता भी इस अवधि में रहेगी। मई मास में रुके कार्य बनेंगे। संपत्ति संबंधी कार्य मे सफलता प्राप्त होगी। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा । आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी किंतु पारिवारिक चिंता भी बनी रहेगी। जून मास में कारोबार उत्तम होगा। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा । आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। संपत्ति संबंधी कार्य में सफलता प्राप्त होगी। जुलाई मास में कार्य में सफलता मिलेगी। रुके कार्य बनेंगे, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। अगस्त मास में स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी, कारोबार में सफलता मिलेगी, साधारण पारिवारिक चिंता भी रहेगी। सितंबर मास में आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, रुके कार्य बनेंगे ,कारोबार का विस्तार संभव है। अक्टूबर मास में अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी, आर्थिक लाभ उत्तम होगा, पारिवारिक चिंता भी रहेगी। नवंबर मास में संपत्ति संबंधी कार्यों में सफलता मिलेगी, धन का व्यय अधिक होगा, परिश्रम अधिक करना पड़ेगा, साधारण मानसिक चिंता भी रहेगी। दिसंबर मास में कार्य में सफलता मिलेगी, रुके कार्य बनेंगे , उत्साह में वृद्धि होगी, स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी। जनवरी मास में कारोबार उत्तम होगा, रुके कार्य बनेंगे, मित्र मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा, शत्रु परास्त होंगे, पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। फरवरी मास में साधारण स्वास्थ्य चिंता रहेगी एवं पारिवारिक चिंता भी बनी रहेगी, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों से सहयोग मिलेगा, यात्रा संभव है, धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी। मार्च मास में स्वास्थ्य संबंधी साधारण चिंता रहेगी, कार्य में सफलता मिलेगी, संपत्ति संबंधी कार्य बनेंगे, मांग प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कुंभ राशि के शनि से कर्क राशि वालों को धन हानि पीड़ा वह शत्रु वृद्धि होगी। मेष राशि का राहु एवं तुला राशि का केतु पीड़ा कारक एवं हानि करने वाला है एवं शनि पारिवारिक अशांति बढ़ाने वाला है। इनकी शांति हेतु विद्वान ब्राह्मण से ग्रहों का जप एवं दान कराना चाहिए

सिंह (Sinh)

इसका राशि स्वामी सूर्य है। यह पूर्व दिशा की स्वामिनी है। यह राशि पुरुष जाति, पीत वर्ण, क्षत्रिय वर्ण, पित्त प्रकृति, अग्नि तत्व वाली, ऊष्ण स्वभाव, पुष्ट शरीर, यात्राप्रिय, अल्प सन्तानविद् तथा निर्जल है। इसका स्वभाव मेष राशि के समान है, परंतु इसमें उदारता एवं स्वातन्त्र्यप्रियता अधिक पाई जाती है। इसके द्वारा हृदय का विचार किया जाता है।

सिंह राशि - मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, सन 2022 ईस्वी अप्रैल माह से जुलाई मास तक का द्वादश राशिफल- सिंह राशि - अप्रैल मास में कार्यों में सफलता मिलेगी। मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। रुके कार्य बनेंगे। संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। मई मास में रुके कार्य बनेंगे । स्वभाव में तेजी रहेगी । मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। कारोबार की उन्नति होगी। जून मास में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। प्रयासों से कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। साधारण उदर विकार से स्वास्थ्य कुछ विपरीत रहेगा। पारिवारिक चिंता भी रहेगी। जुलाई मास में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी । कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। रुके कार्य बनेंगे। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगि अगस्त मास में रुके कार्य बनेंगे, आर्थिक स्थिति उत्तम होगी ,मित्रों का सहयोग प्राप्त नहीं होगा भूमि वाहन मकान आदि के लिए समय अनुकूल है। सितंबर माह में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी आर्थिक स्थिति उत्पन्न होगी, संपत्ति के लिए समय अनुकूल है, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, उदर विकार से पीड़ा संभव है, पत्नी पक्ष की भी चिंता रहेगी। अक्टूबर मास में आर्थिक स्थिति उत्तम होगी, मान प्रतिष्ठा के लिए समय शुभ है, रुके कार्य बनेंगे ,मित्रों का सहयोग प्राप्त नहीं होगा, पारिवारिक चिंता रहेगी। नवंबर मास में संपत्ति का कार्य करेंगे या संपत्ति द्वारा लाभ होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, प्रयासों से कार्य में सफलता मिलेगी। दिसंबर मास में मान प्रतिष्ठा में कुछ कमी होगी, संपत्ति द्वारा लाभ संभव है, संतान पक्ष से प्रशंसा होगी, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। जनवरी मास में यद्यपि शत्रु बाधा उत्पन्न करेंगे किंतु प्रयासों से कार्य में सफलता मिलेगी, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, कारोबार सामान्य होगा। फरवरी मास में स्वास्थ्य कुछ विपरीत रहेगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, संतान पक्ष की चिंता रहेगी। मार्च मास में रुके कार्य बनेंगे, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, संपत्ति द्वारा लाभ संभव है या संपत्ति का कार्य करेंगे। मेष राशि का राहु हानि कर आने वाला है तथा मीन राशि का गुरु चिंता बढ़ाने वाला है। इन की शांति के लिए विद्वान ब्राह्मण से ग्रहों का जप एवं दान कर

कन्या (Kanya)

इसका राशि स्वामी बुध है। यह दक्षिण दिशा की स्वामिनी है। यह राशि स्त्री जाति, पिंगल वर्ण, द्विस्वभाव, वायु तथा शीत प्रकृति, पृथ्वी तत्व वाली, रात्रिबली तथा अल्प सन्तति वाली है। इसका स्वभाव मिथुन राशि जैसा है, परंतु यह अपनी उन्नति तथा सम्मान पर विशेष रूप से ध्यान देती है। इसके द्वारा पेट का विचार किया जाता है।

कन्या राशि - टो, पा, पी, पू, पे, पो, श, ण, ठ - सन 2022 ईस्वी अप्रैल माह से जुलाई मास तक का द्वादश राशिफल- कन्या राशि - अप्रैल मास में स्वास्थ्य संबंधी साधारण चिंता रहेगी तथा स्वभाव में तेजी रहेगी। कारोबार मध्यम रहेगा । मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा । पारिवारिक चिंता भी रहेगी । मई मास में कारोबार उत्तम होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। आर्थिक लाभ की दृष्टि से समय उत्तम है। शत्रु परास्त होंगे। जून मास में कारोबार उत्तम रहेगा। परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त होगा। स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। संतान पक्ष से प्रसन्नत होगी। जुलाई मास में कारोबार उत्तम होगा । रुके कार्य बनेंगे। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। पारिवारिक प्रसन्नता रहेगी। कारोबार के विस्तार की संभावना है। कुछ उदर विकार से पीड़ा संभव है। अगस्त मास में परिश्रम से विशेष लाभ होगा, स्वास्थ्य की चिंता भी रहेगी, संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा ,धन के अपव्यय की अधिकता भी इस अवधि में रहेगी। सितंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक लाभ उत्तम होगा, परिश्रम से फल मिलेगा, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा ,पारिवारिक प्रसन्नता रहेगी, कुछ स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी इस अवधि में रहेगी। अक्टूबर मास में आर्थिक स्थिति अनुकूल होगी, रुके कार्य बनेंगे ,मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। नवंबर मास में रुके कार्य बनेंगे, कारोबार का विस्तार होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, स्वास्थ्य की चिंता भी रहेगी, संतान पक्ष से प्रशंसा प्राप्त होगी। दिसंबर मास में भूमि, वाहन ,मकान आदि संपत्ति से लाभ की संभावना है, कारोबार उत्तम रहेगा, आर्थिक से स्थिति उत्तम रहेगी, परिश्रम से विशेष फल प्राप्त होगा, संतान पक्ष से प्रशंसा होगी, कुछ साधारण स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी इस अवधि में रहेगी। जनवरी मास में शत्रु यद्यपि बाधा उत्पन्न करेंगे किंतु प्रयत्नों से कार्य में सफलता मिलेगी, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, यात्रा की संभावना है। फरवरी मास में संपत्ति द्वारा लाभ संभव है, कारोबार उत्तम रहेगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, धन के अपव्यय की संभावना है, स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी इस अवधि में रहेगी। मार्च मास में अकस्मात विशेष लाभ की संभावना है, परिश्रम से लाभ प्राप्त होगा ,मित्रों से सहयोग मिलेगा, मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य संबंधी चिंता उधर विकार संभव है। मेष राशि का राहु एवं तुला राशि का केतु पीड़ा का लाभ एवं हानि कराने वाले हैं। इनकी शांति के लिए विद्वान ब्राह्मण से जप एवं दान कर आना चाहिए।

तुला (Tula)

इसका राशि स्वामी शुक्र है। यह पश्चिम दिशा की स्वामिनी है। यह राशि पुरुष जाति, श्याम वर्ण, चर संज्ञक, वायु तत्व वाली, दिनबलि, क्रूर स्वभाव, शीर्षोदयी, अल्प सन्ततिवान तथा पादजल राशि है। इसका स्वभाव ज्ञान-प्रिय, राजनीतिज्ञ, विचारशील एवं कार्य सम्पादक है। इसके द्वारा नाभि से नीचे के अंगों का विचार किया जाता है।

तुला राशि - रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते-ा ।

सन 2022 ईस्वी अप्रैल माह से जुलाई मास तक का द्वादश राशिफल- तुला राशि - अप्रैल मास में कारोबार उत्तम होगा। मित्रों से सहयोग मिलेगा । आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। परिश्रम से विशेष फल प्राप्त होगा किंतु स्वास्थ्य संबंधी चिंता रहेगी। मई मास में यात्राओं की संभावना है। आर्थिक लाभ उत्तम होगा । स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी। मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जून मास में कारोबार सामान्य रहेगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी रहेगी। जुलाई मास में रुके कार्य बनेंगे। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। पत्नी पक्ष की चिंता संभव है। संतान पक्ष से प्रसन्नता रहेगी। अगस्त मास में भूमि वाहन मकान आदि संपत्ति द्वारा लाभ संभव है, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, सुबह में कुछ तेजी रहेगी, यात्रा की संभावना है। सितंबर मास में रुके कार्य बनेंगे, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, पारिवारिक प्रसन्नता रहेगी। अक्टूबर मास में परिश्रम से फल प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, इस अवधि में अपव्यय की भी अधिकता रहेगी। नवंबर मास में रुके कार्य बनेंगे, आर्थिक स्थिति अनुकूल होगी, अकस्मात लाभ की संभावना है, पारिवारिक प्रसन्नता रहेगी, मित्रों का सहयोग भी प्राप्त होगा। दिसंबर मास में व्यय की अधिकता रहेगी, कारोबार उत्तम रहेगा, संपत्ति द्वारा लाभ संभव है, उदर विकार या स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी इस अवधि में रहेगी ,संतान पक्ष से प्रसंता होगी। जनवरी मास में कारोबार होगा, रुके कार्य बनेंगे, संपत्ति का लाभ संभव है, अपने परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे, पारिवारिक प्रसन्नता रहेगी, किंतु स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी बनी रहेगी। फरवरी मास में रुके कार्य बनेंगे, संपत्ति द्वारा लाभ संभव है, मान सम्मान में कमी होगी, अकस्मात यात्राओं का संयोग बनेगा, व्यय में वृद्धि होगी किंतु आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। मार्च मास में कारोबार उत्तम होगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी संभव है, कुछ पारिवारिक चिंता भी इस अवधि में होगी। कुंभ राशि के शनि से तुला राशि वालों को संतान पक्ष की चिंता व विवाद होगा। मेष राशि का राहु एवं तुला राशि का केतु पीड़ा कारक एवं हानि कराने वाले हैं तथा मीन राशि का गुरु चिंता बढ़ाने वाला एवं सनी पारिवारिक अशांति बढ़ाने वाला है। इन की शांति के लिए विद्वान ब्राह्मण से जप एवं दान कर आना चाहिए।

वृश्चिक (Vrushchik)

इसका राशि स्वामी मंगल है। यह उत्तर दिशा की स्वामिनी है। यह राशि स्त्री जाति, शुभ वर्ण, कफ प्रकृति, ब्राह्मण वर्ण, उत्तर दिशा की स्वामिनी, रात्रिबली, बहु सन्ततिवान तथा अर्द्धजल तत्व वाली है। इसका स्वभाव स्पष्टवादी, निर्मल, दृढ़ प्रतिज्ञ, हठी तथा दम्भी है। इसके द्वारा जननेन्द्रिय का विचार किया जाता है।

वृष्चिक राशि -तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू -सन 2022 ईस्वी अप्रैल माह से जुलाई मास तक का द्वादश राशिफल- वृश्चिक राशि - अप्रैल मास में कारोबार उत्तम होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त होगा। यात्रा की संभावना है। मई मास में परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त होगा। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। संपत्ति द्वारा लाभ संभव है। नेत्र पीड़ा भी संभव है। संतान पक्ष से प्रसन्नता प्राप्त होगी। जून मास में कारोबार सामान्य होगा । आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी । मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। प्रयास से रुके कार्य बनेंगे । जुलाई मास में कारोबार उत्तम होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। यह अवधि कारोबार के विस्तार के लिए अनुकूल है। संतान पक्ष से प्रसन्नता प्राप्त होगी। पारिवारिक वातावरण प्रसन्नता का रहेगा। अगस्त मास में कारोबार उत्तम रहेगा, आर्थिक लाभ भी उत्तम होगा, मित्रों से सहयोग होगा तथा अपने परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे। सितंबर मास में आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, कारोबार के विस्तार की संभावना है, स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी, अपने परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे। अक्टूबर मास में आर्थिक स्थिति अनुकूल होगी, कारोबार के विस्तार की संभावना है, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, संतान पक्ष से प्रसन्नता प्राप्त होगी। नवंबर मास में कारोबार सामान्य होग, व्यय की अधिकता भी होगी, आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी इस अवधि में रहेगी। दिसंबर मास में यात्रा की संभावना है, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, कारोबार के विस्तार की संभावना भी है, स्वभाव में कुछ तेजी संभव है, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे। जनवरी मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे, स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। फरवरी मास में परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, संपत्ति द्वारा लाभ संभव है, वाहन आदि क्रय करने की संभावना है, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। मार्च मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, रुके कार्य बनेंगे, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, संपत्ति द्वारा भी लाभ संभव है, स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी। कुंभ राशि के शनि से वृश्चिक राशि वालों को पारिवारिक अशांति होगी। तुला राशि का केतु पीड़ा कारक एवं हानि कराने वाला है एवं सनी पारिवारिक अशांति बढ़ाने वाला है। इन की शांति के लिए विद्वान ब्राह्मण से जप एवं दान करन चाहिए।

 

धनु (Dhanu)

इसका राशि स्वामी गुरु है। यह पूर्व दिशा की स्वामिनी है। यह राशि पुरुष जाति, स्वर्ण वर्ण, द्विस्वभाव, क्षत्रिय वर्ण, दिनबली, पित्त प्रकृति, अग्नि तत्व वाली, अल्प सन्ततिवान, दृढ़ शरीर तथा अर्द्धजल तत्व वाली राशि है। इसका स्वभाव करुणामय, मर्यादाशील तथा अधिकारप्रिय है। इसके द्वारा पाँवों की संधि तथा जंघाओं पर विचार किया जाता है।धनु राशि - ये, यो, भा, भी, भू, ध, फ, ढ़, भे सन 2022 ईस्वी अप्रैल माह से जुलाई मास तक का द्वादश राशिफल- धनु राशि - अप्रैल मास में कारोबार उत्तम होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी । रुके कार्य बनेंगे । मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। मई मास में कारोबार के विस्तार की संभावना है । संपत्ति द्वारा लाभ संभव है। वाहन भूमि मकान आदि संपत्ति के क्रय की संभावना है। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा । अपने परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे। जून मास में आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। कारोबार सामान्य रहेगा । मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। अपने परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे। संतान संबंधी चिंता भी रहेगी। जुलाई मास में संपत्ति द्वारा लाभ संभव है । कारोबार उत्तम होगा। मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। संतान पक्ष से प्रसन्नता प्राप्त होगी। अगस्त मास में कारोबार उत्तम होगा, कारोबार के विस्तार की संभावना भी है, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी, साधारण स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी इस अवधि में संभव है। सितंबर मार्च में कारोबार उत्तम उत्तम होगा ,कारोबार के विस्तार की संभावना भी है, रुके कार्य बनेंगे, मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, शत्रु पराजित होंगे। अक्टूबर मास में कारोबार उत्तम होगा, रुके कार्य बनेंगे, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, पारिवारिक प्रसंता भी रहेगी। नवंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक दृष्टि से यह समय उत्तम है, पारिवारिक प्रसन्नता रहेगी, मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, स्वभाव में कुछ तेजी इस अवधि में रहेगी। दिसंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे, शत्रु पराजित होंगे, जनवरी मास में आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी, इस अवधि में पारिवारिक चिंता भी संभव है। फरवरी मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, अपने परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे, कार्य बनेंगे, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, शत्रु पराजित होंगे। मार्च मास में कारोबार उत्तम होगा, इस अवधि में प्रयास करने से विशेष लाभ प्राप्त होगा, वाहन भूमि संपत्ति आदि के द्वारा लाभ या इनके क्रय की प्रबल संभावना है। मेष राशि का राहु पीड़ा का लाभ एवं हानि कल आने वाला है तथा मीन राशि का गुरु चिंता बढ़ाने वाला है इन की शांति के लिए विद्वान ब्राह्मण से जप एवं दान करना चाहिए।

मकर (Makar)

इसका राशि स्वामी शनि है। यह दक्षिण दिशा की स्वामिनी है। यह राशि स्त्री जाति, पिंगल वर्ण, रात्रिबली, वैश्य वर्ण, पृथ्वी तत्व वाली, शिथिल शरीर तथा वात प्रकृति वाली है। इसका स्वभाव उच्च स्थिति का अभिलाषी है। इसके द्वारा पाँव के घुटनों का विचार किया जाता है।मकर राशि भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी सन 2022 ईस्वी अप्रैल माह से जुलाई मास तक का द्वादश राशिफल- मकर राशि - अप्रैल मास में कारोबार उत्तम होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। रुके कार्य बनेंगे। अपने परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे किंतु पारिवारिक चिंता भी बनी रहेगी। मई मास में कारोबार सामान्य होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे। रुके कार्य बनेंगे तथा यात्राओं के संभावना भी है। जून मास में कारोबार अनुकूल होगा। संपत्ति द्वारा लाभ संभव है। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। रुके कार्य बनेंगे । जुलाई मास में शत्रु पराजित होंगे, रुके कार्य बनेंगे, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। कारोबार के विस्तार की संभावना है। यात्रा भी संभव है। अगस्त में कारोबार मध्यम रहेगा, प्रयासों से कार्यों में सफलता मिलेगी, पारिवारिक चिंताएं इस अवधि में रहेगी। सितंबर मार्च में कारोबार उत्तम होगा, रुके कार्य बनेंगे, स्वास्थ्य संबंधी कुछ चिंता रहेगी ,परिश्रम करने से विशेष लाभ प्राप्त होगा। अक्टूबर मास में कारोबार उत्तम होगा, रुके कार्य बनेंगे, कारोबार के विस्तार की भी संभावना है, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, यात्रा की संभावना है, कुछ पारिवारिक चिंता भी रहेगी, स्वभाव में तेजी रहेगी। नवंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, कारोबार के विस्तार की भी संभावना है, पारिवारिक चिंता भी रहेगी। दिसंबर मास में कारोबार का विस्तार होगा, आर्थिक लाभ होगा, परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त होगा, स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी। जनवरी मास में कारोबार उत्तम होगा, यात्रा से लाभ होगा,स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, धार्मिक कार्य में रूचि रहेगी। फरवरी मास में परिश्रम से लाभ होगा, लाभकारी यात्रा संभव है, आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी। मार्च मास में आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी ,परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे, यात्राओं की संभावना है, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, रुके कार्य बनेंगे। कुंभ राशि के शनि से मकर राशि वालों को अपव्यय एवं पीड़ा होगी। मेष राशि का राहु एवं तुला राशि का केतु पीड़ा कारक एवं हानि कराने वाले हैं तथा मीन राशि का गुरु चिंता बढ़ाने वाला है एवं शनि पारिवारिक अशांति बढ़ाने वाला है। इन की शांति के लिए विद्वान ब्राह्मण से जप एवं दान कर आना चाहिए।

 
 

कुंभ (Kumbha)

इसका राशि स्वामी शनि है। यह पश्चिम दिशा की स्वामिनी है। यह राशि पुरुष जाति, विचित्र वर्ण, वायु तत्व वाली, शूद्र वर्ण, त्रिदोष प्रकृति वाली, ऊष्ण स्वभाव, अर्द्धजल, मध्यम संतान वाली, शीर्षोदय, क्रूर तथा दिनबली है। इसका स्वभाव शांत, विचारशील, धार्मिक तथा नवीन वस्तुओं का आविष्कारकर्ता है।कुम्भ राशि - गु,गे,गो,सा,सी,सू,स,सन 2022 ईस्वी अप्रैल माह से जुलाई मास तक का द्वादश राशिफल- कुंभ राशि - अप्रैल मास में कारोबार सामान्य होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। संतान पक्ष की चिंता भी रहेगी तथा दौड़ भाग से लाभ प्राप्त होगा। मई मास में स्वभाव में तेजी रहेगी। कारोबार सामान्य रहेगा। रुके कार्य बनेंगे। आर्थिक स्थिति अनुकूल होगी। कारोबार के विस्तार की भी संभावना है। जून मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, रुके कार्य बनेंगे, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा तथा अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे। जुलाई मास में कारोबार उत्तम होगा। संपत्ति का लाभ भी संभव है । वाहन आदि क्रय करने की भी संभावना है। रुके कार्य बनेंगे। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। अगस्त मास में कारोबार उत्तम होगा, कार्य में सफलता मिलेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, रुके कार्य बनेंगे, यात्राओं से लाभ संभव है। सितंबर मार्च में कारोबार उत्तम होगा, कार्य में सफलता मिलेगी, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, संतान पक्ष से प्रशंसा प्राप्त होगी। अक्टूबर मास में कारोबार सामान्य होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, स्वास्थ्य संबंधी कुछ समस्या इस अवधि में रह सकती है व पीड़ा ,कष्ट हो सकता है। नवंबर मास में कारोबार अनुकूल होगा, रुके कार्य बनेंगे, अकस्मात धन के लाभ का योग बनेगा ,आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, स्वभाव में कुछ तेजी भी इस अवधि में रहेगी। दिसंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, रुके कार्य बनेंगे, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी ,संतान पक्ष से प्रसन्नता प्राप्त होगी होगी। जनवरी मास में कारोबार सामान्य होगा, प्रयासों से कार्य में विशेष सफलता मिलेगी, साधारण पारिवारिक चिंता भी रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा ,आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। फरवरी मास में कारोबार सामान्य रहेगा, रुके कार्य बनेंगे, आर्थिक स्थिति अनुकूल होगी, स्वास्थ्य कुछ विपरीत रह सकता है, मान प्रतिष्ठा में कुछ कमी होगी। मार्च मास में कारोबार समान होगा, रुके कार्य बनेंगे, अकस्मात धन लाभ का योग है, वाहन, भूमि, मकान आदि के क्रय की संभावना है, स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी तथा यात्रा का भी योग है। कुंभ राशि के शनि से कुंभ राशि वालों को स्थान परिवर्तन, पीड़ा, पारिवारिक अशांति तथा अपव्य होता है। तुला राशि का केतु पीड़ा कारक एवं हानि कर आने वाला है। इन की शांति के लिए विद्वान ब्राह्मण से ग्रहों का जप एवं दान कर आना चाहिए।

 

मीन (Meen)

इसका राशि स्वामी गुरु है। यह उत्तर दिशा की स्वामिनी है। यह राशि स्त्री जाति, पिंगल वर्ण, जल तत्व वाली, ब्राह्मण वर्ण, कफ प्रकृति तथा रात्रिबली है। यह पूर्ण रूप से जल राशि है। इसका स्वभाव दयालु, दानी तथा श्रेष्ठ है। इसके द्वारा पैरों का विचार किया जाता है।मीन राशि - दी,दू,थ,झ,´,दे,दो,चा सन 2022 ईस्वी अप्रैल माह से जुलाई मास तक का द्वादश राशिफल- मीन राशि - अप्रैल मास में कारोबार सामान्य होगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। विशेष प्रयास से ही कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा। मई मास में कारोबार उत्तम होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। दौड़ भाग से विशेष लाभ प्राप्त होगा। धन का अपव्यय होगा। उदर विकार से पीड़ा संभव है। जून माह में कारोबार उत्तम होगा। स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी। स्वास्थ्य साधारण विपरीत रहेगा। विशेष प्रयास से कार्य में सफलता मिलेगी तथा धन का अपव्यय भी होगा। जुलाई मास में कार्य में सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। रुके कार्य बनेंगे। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। अगस्त मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, संपत्ति संबंधी कार्य से भी लाभ संभव है। सितंबर मास में कारोबार सामान्य होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, रुके कार्य बनेंगे, परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त होगा, साधारण स्वास्थ्य की चिंता भी रहेगी। अक्टूबर मास में कारोबार सामान्य रहेगा, आर्थिक लाभ उत्तम होगा, प्रयासों से कार्यों में सफलता मिलेगी, धन का अपव्यय भी होगा तथा कुछ स्वास्थ्य की समस्या भी रहेगी। नवंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक स्थिति, आर्थिक लाभ भी उत्तम होगा, मित्रों से सहयोग मिलेगा, इस अवधि में स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी रहेगी। दिसंबर मास में कारोबार सामान रहेगा रुके कार्य बनेंगे,आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी किंतु धन का अपव्यय भी होगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा। जनवरी मास में कार्यों में सफलता मिलेगी, राज्य पक्ष से लाभ होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा, अपने परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगे, धन का अपव्यय भी होगा तथा कुछ स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी रहेगी। फरवरी मास में कारोबार उत्तम होगा, रुके कार्य बनेंगे, परिश्रम से विशेष लाभ होगा, भूमि, वाहन, मकान आदि से लाभ या इनके क्रय की संभावना है। मार्च मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक लाभ भी उत्तम होगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, अकस्मात विशेष लाभ संभव है, यात्रा की भी इस अवधि में संभावना है, यात्रा से भी लाभ संभव है। कुंभ राशि के शनि से मीन राशि वालों को कष्ट एवं अशांति व होगा। मेष राशि का राहु एवं तुला राशि का केतु पीड़ा कारक एवं हानि कराने वाले हैं तथा मीन राशि का गुरु चिंता बढ़ाने वाला एवं अशांति देने वाला है। इन की शांति के लिए विद्वान ब्राह्मण से ग्रहों का जप एवं दान कर आना चाहिए।