राशिफल एवं शनि की साढ़े साती

शनि की साढ़े साती व ढ़ैया का फल

शनि एक राशि में ढाई वर्ष तक रहता है। जब शनि राशि से बारहवें भाव में शनि प्रवेश करता है उसी समय से साढ़ेसाती प्रारंभ होती है। इस समय साढ़ेसाती मस्तक में कहलाती है । ढाई वर्ष बाद यह राशि में प्रवेश करती है । यह साढ़ेसाती का दूसरा चरण होता है और ह्रदय में कहलाती है तथा चंद्र राशि से द्वितीय स्थान में शनि जब प्रवेश करता है तब साढ़ेसाती का तीसरा चरण प्रारंभ होता है तथा साढ़ेसाती पांव में कहलाती है । इस प्रकार ढाई ढाई वर्ष तीन राशि में भ्रमण से साडे सात वर्ष होते हैं । जब जन्म राशि से दूसरी राशि में शनि प्रवेश करता है तब साढ़ेसाती समाप्त होती है। यदि जन्म का शनि अच्छी स्थिति का हो तो साढ़ेसाती ज्यादा परेशान नहीं करती किंतु जन्म कुंडली में शनि यदि नीच राशि या शत्रु राशि या अशुभ ग्रहों से युक्त हो तो साढ़ेसाती कष्ट करने वाली होती है। यदि जातक की मेष राशि हो तो पहले ढाई वर्ष शुभ मध्य के अशुभ तथा अंत के ढाई वर्ष शुभ होते हैं । वृष राशि वालों के लिए आरंभ के ढाई वर्ष अशुभ मध्य के ढाई वर्ष शुभ तथा अंत के ढाई वर्ष भी शुभ होते हैं । मिथुन राशि वालों के लिए आरंभ के ढाई वर्ष शुभ मध्य के अनुकूल एवं अंत के ढाई वर्ष सामान्य फल देते हैं । कर्क राशि वालों को आरंभ के ढाई वर्ष शुभ मध्य के मिश्रित फल वाले एवं अंत के ढाई वर्ष अशुभ होते हैं। सिंह राशि वालों को आरंभ के 5 वर्ष अशुभ एवं अंत के ढाई वर्ष शुभ होते हैं । कन्या राशि वालों को आरंभ के ढाई वर्ष अशुभ एवं शेष 5 वर्ष शुभ होते हैं । तुला राशि वालों को आरंभ के 5 वर्ष शुभ तथा अंत के ढाई वर्ष अशुभ होते हैं । वृश्चिक राशि वालों को आरंभ के ढाई वर्ष श्रेष्ठ, मध्य के ढाई वर्ष अशुभ तथा अंत के ढाई वर्ष सामान्य फल देते हैं। धनु राशि वालों को आरंभ के ढाई वर्ष अशुभ,मध्य के ढाई वर्ष शुभ तथा अंत के ढाई वर्ष सामान्य फल देते हैं। मकर राशि वालों को आरंभ के ढाई वर्ष शुभ मध्य के ढाई वर्ष सामान्य तथा अंत के ढाई वर्ष श्रेष्ठ फल देते हैं । कुंभ राशि वालों को आरंभ के ढाई वर्ष सामान्य तथा शेष 5 वर्ष शुभ फलदाई होते हैं । मीन राशि वालों को आरंभ के 5 वर्ष शुभ एवं शेष ढाई वर्ष अशुभ होते हैं ।साढ़ेसाती के प्रभाव का आंंकलन करने के साथ ही यह भी देखना चाहिए कि जातक की विंशोत्तरी दशा कैसी चल रही है ? यदि विंशोत्तरी दशा शुभ फल प्रदान करने वाली चल रही है तो वह साढ़ेसाती के अशुभ प्रभाव को भी कम करती है एवं यदि विंशोत्तरी दशा भी अशुभ फल कारी है तो साढ़ेसाती ज्यादा कष्टप्रद होती है। इसका विचार साढ़ेसाती के प्रभाव को देखने में करना नितांत आवश्यक है । मात्र साढ़ेसाती कह देने से की शनि अशुभ है साढ़ेसाती के वास्तविक फल का ज्ञान नहीं होता है।

शनि की साढ़ेसाती एवं ढैय्या का फल-

स्वर्ण पाद का शनि मिश्रित फल देता है। रजत पाद का शनि शुभ फल देता है। ताम्र पाद का शनि भी शुभ फल प्रदान करता है एवं लोह पाद का शनि पीड़ा कारक होता है।

ग्रहों का उपचार

ग्रहों का उपचार राहु की शांति दान हेतु जौ, चित्रा राजमा की दाल, गहथ की दाल, नमक, काला वस्त्र दक्षिणा सहित दान करना चाहिये।राहु की शांति हेतु त्रिगुणित राहु के मंत्र 54000 का योग्य ब्राह्मण से जप करवाना चाहिए तथा दुर्वा की समिधा से हवन कराना लाभप्रद रहता है । 2.केतु की शांति तिल, चित्राराजमा, काला वस्त्र ,एक चाकू एवं लहसुनिया पत्थर दान करें एवं योग्य ब्राह्मण से केतु की शांति के लिए त्रिगुणित 51 हजार जप करवाएं एवं कुशा की समिधा से हवन कराना लाभप्रद रहेगा। 3.बृहस्पति की शांति पीली चने की दाल पीला वस्त्र कांशी की कटोरी में घी पीले पके केले एवं हल्दी दक्षिणा सहित ब्राह्मण को दान करनी चाहिए तथा गुरु की शांति के लिए त्रिगुणित 57000 जप योग्य ब्राह्मण से कराने चाहिए। 4.शनि की शांति शनि की शांति के लिए 69000 शनि के मंत्र का जप कराना चाहिए तथा शनि की समिधा शमी से होम कराना लाभप्रद रहता है । 5.शनि की साढ़े साती व ढ़ैया की षान्ति हेतु महामृत्युंजय के सवा लाख जप तथा शनि के दान व जप कराने चाहिये । काली उड़द, काला वस्त्र, लोहे के छाया पात्र में सरसों का तेल भरकर अपनी छाया देखकर दक्षिणा डालकर दान करें।

शनि की साढ़े साती व ढ़ैया का फल

29 मार्च सन 2025 को शनि मीन राशि में प्रवेश करेगा। शनि के राशि परिवर्तन के समय में चंद्रमा मीन राशि में है। पूरे वर्ष संवत् 2082 में शनि मीन राशि में ही संचार करेगा। मीन राशि के शनि की साढेसाती एवं ढैय्या का फल इस प्रकार है- मेष राशि वालों को लोहे के पाये में मस्तक पर चढ़ती साढ़ेसाती होने से कष्ट, अशांति एवं व्यय की अधिकता होगी तथा मान सम्मान में भी कमी होगी। सिंह राशि वालों को शनि की ढैय्या लोहे के पाद में होने से कष्ट ,अशांति ,व्यय की अधिकता एवं मान सम्मान में कमी होगी। धनु राशि - धनु राशि वालों को शनि की ढैय्या लोहे के पाद में होने से कष्ट ,अशांति एवं अपव्यय होगा तथा मान सम्मान में कमी होगी। कुंभ राशि वालों को चांदी के पाये में उतरती साढेसाती होने से मान - सम्मान में वृद्धि ,धन लाभ ,कारोबार का विस्तार ,सुख - शांति होगी। मीन राशि वालों को साढ़ेसाती सोने के पाये में हृदय में होने से मान - सम्मान में वृद्धि ,धन लाभ ,कारोबार का विस्तार ,मंगल कार्य होंगें।

राहु का राशियों पर प्रभाव

दिनांक 18 मई 2025 को रात्रि 7 बजकर 29 मिनट पर राहु कुंभ राशि में तथा केतु सिंह राशि में प्रवेश करेगा। विभिन्न राशियों पर राहु के संक्रमण का प्रभाव निम्न प्रकार से होगा-

- मेष राशि - मेष राशि वालों को आर्थिक रूप से लाभप्रद रहेगा तथा कारोबार में वृद्धि होगी , मानसिक प्रसन्नता रहेगी , रुके कार्य बनेंगें , मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। वृष राशि - वृष राशि वालों को अपव्यय की अधिकता होगी , अनावश्यक विवाद होगा , मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा , कार्यों में बाधा होगी , कारोबार में कमी होगी। मिथुन राशि - मिथुन राशि वालों को परिश्रम अधिक फल अल्प मिलेगा तथा व्यय की अधिकता होगी , कार्यों में बाधा उत्पन्न होगी , मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा। कर्क राशि - कर्क राशि वालों को राहु के राशि से अष्टम स्थान में होने से स्वास्थ्य संबंधी चिंता होगी , विशेषकर उदर विकार होगा , धन का अपव्यय भी होगा तथा कार्यों में बाधा उत्पन्न होगी , आय में कमी होगी।

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- जिन राशि वालों के लिए राहु पीड़ा कारक लिखा गया है उन्हें चाहिए कि राहु के मंत्र का 3 गुणा अर्थात 54000 मंत्र का जाप कराएं एवं दशांश हवन कराएं जिसमें कि दूर्वा को समिधा के रूप में प्रयोग किया जाए तो वह राहु के कुप्रभाव को शांत करेगा।

वैदिक राशिफल क्या है ?

हम सभी जानते है की वैदिक ज्योतिष का सम्बन्ध १२ घर १२ राशियाँ और नौ ग्रहों से है, जानने की कोशिश करते है की ज्योतिष किन सिद्धांतो पर कार्य करता है और इसके पीछे छिपे क्या तथ्य है तथा लाखों लोग इस विज्ञानं से किस प्रकार जुड़े हुए है ! ज्योतिष एक ऐसी कार्य प्रणली है जिसके द्वारा मनुष्यों को अपने पिछले जन्मो के कर्मो का फल प्राप्त होता है ! अच्छे कर्मो का अच्छा फल तथा बुरे कर्मो का बुरा फल ! मान लो यदि आपने अपने पिछले जन्म में अच्छे कर्म किये है तो इस जन्म में आप एक सुखी जीवन व्यतीत करेंगे ! कम परिश्रम से भी अधिक फल की प्राप्ति करेंगे, परन्तु यदि आपने यदि अपने पिछले जन्म में सिर्फ बुरे ही बुरे कर्म किये है तो अगला जन्म आपके बुरे कर्मो का फल देगा ! पूरा जीवन दुःख और परेशानियों से भरा और अधिक से अधिक महनत करने पर भी फल की प्रति नहीं होगी ! और यही कारण है की लाखों लोग जीवन भर संघर्ष करने पर भी कुछ प्राप्त नहीं कर पाते और दूसरी तरफ कम परिश्रमी लोग अपने जीवन में बैठे बीठाय बहुत कुछ हांसिल कर लेते है

तो क्या ऐसा और कोई जरिया नहीं है जिसके द्वारा हम अपने पिछले जन्मों के कर्मो का पश्चताप कर सके और इस जीवन को सुखी कर सके ? जी हाँ यही पर वैदिक ज्योतिष अपनी भूमिका निभाता है, किसी भी जातक की कुंडली में हर एक गृह का अपना कार्य निर्धरित होता है , मान लो यदि गृह द्वारा आपको जीवन में तरक्की प्राप्त होनी है तो उस गृह को आपके लिए यह करना होगा, और यदि किसी गृह के द्वारा आपको जीवन में कष्ट दिए जाने है तो वह कष्ट अवश्य देगा ! हर गृह के द्वारा दिया जाने वाला फल आपके पिछले जन्म के कर्मो द्वारा पूर्व निर्धारित हो जाता है ! आप इन ग्रहों के उचित पूजा पाठ, दान और उपायों द्वारा इनसे मिलने वाले कष्टों में कमी ला सकते है और इन ग्रहों के रत्नों द्वारा इनसे प्राप्त होने वाले शुभ फलों में वृद्धि कर अधिक लाभ उठा सकते है !


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मेष (Mesh)

इसका राशि स्वामी मंगल है तथा यह राशि पूर्व दिशा की स्वामिनी है। यह राशि पुरुष-जाति, लाल-पीले वर्ग, वर्ण कांतिहीन, क्षत्रिय वर्ण, अग्नि तत्व वाली, चर संज्ञक समान अंगों वाली, अल्प सन्ततिवान तथा पित्त प्रकृति कारक है। इसका स्वभाव अहंकारी, साहसी तथा मित्रों के प्रति दयालुता का है। इसके द्वारा मस्तक का विचार किया जाता है। नाम का प्रथम अक्षर जिस राशि के आगे लिखा हो वही राशि होती है एवं उसके आगे लिखा राशिफल सामान्यतया मिलता है । सूक्ष्म फलित विचार जन्म समय के आधार पर निकाली गई दशांओं से करवाना चाहिय े । द्वादश राशि फल एवं शनि की साढे़ साती-ढ़ैया का फल ) नाम का प्रथम अक्षर जिस राशि के आगे लिखा हो वही राशि होती है एवं उसके आगे लिखा राशिफल सामान्यतया मिलता है । सूक्ष्म फलित विचार जन्म समय के आधार पर निकाली गई दशाओं से करवाना चाहिये ।

सन 2025 का राशिफल-

मेष राशि - चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ - सन 2025 ईस्वी

मेष राशि सितंबर मास में कारोबार सामान्य रहेगा, रुके कार्य बनेंगें, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा ,आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, इस अवधि में पारिवारिक चिंता रहेगी, स्वभाव में कुछ तेजी भी इस अवधि में रहेगी। अक्टूबर मास में पारिवारिक चिंता रहेगी ,आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, दौड़ - भाग से लाभ होगा, स्वयं के स्वभाव में भी कुछ तेजी भी इस अवधि में रहेगी। नवंबर मास में स्वयं का स्वास्थ्य विपरीत रहेगा, रुके कार्य बनेंगें, पारिवारिक प्रसन्नता होगी , कार्य क्षेत्र सामान्य रहेगा, इस अवधि में मित्रों का सहयोग प्राप्त नहीं होगा किंतु आर्थिक दृष्टि से समय अनुकूल रहेगा।मेष राशि दिसंबर 2025 में कार्यों में परिश्रम अधिक करने पर ही सफलता मिलेगी किंतु अकस्मात् विशेष आर्थिक लाभ संभव है। कार्यक्षेत्र का विस्तार भी इस अवधि में संभव है। संतान पक्ष की चिंता रहेगी। जनवरी 2026 में कारोबार उत्तम रहेगा। रुके कार्य बनेंगें, राज्य पक्ष से भी इस अवधि में लाभ संभव है।शत्रु पराजित होंगें। कारोबार का विस्तार भी इस अवधि में संभव है। फरवरी मास में कारोबार उत्तम रहेगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें, पारिवारिक प्रसन्नता रहेगी। मार्च मास में स्वास्थ्य साधारण विपरीत रहेगा , आर्थिक दृष्टि से समय अनुकूल रहेगा, रुके कार्य बनेंगें तथा भूमि मकान आदि पर व्यय इस अवधि में संभव है, संतान पक्ष की चिंता रहेगी।

वृषभ (Vrushabh)

इसका राशि स्वामी शुक्र है तथा यह दक्षिण दिशा की स्वामिनी है। यह राशि स्त्री जाति, श्वेत वर्ण, कान्तिहीन, वैश्य वर्ण, भूमि तत्व वाली, स्थिर संज्ञक, शिथिल शरीर, शुभकारक तथा महाशब्दकारी है। इसका स्वभाव स्वार्थी, सांसारिक कार्यों में दक्षता तथा बुद्धिमत्ता से काम लेने का है। इसे अर्द्धजलराशि भी कहा जाताहै

वृष राशि - ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो -सन 2025 ईस्वी वृष राशि सितंबर मास में आर्थिक लाभ उत्तम होगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा ,रुके कार्य बनेंगें, संपत्ति - वाहन आदि का क्रय संभव है, संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी। अक्टूबर मास में यात्राओं की अधिकता होगी, यात्राओं द्वारा लाभ संभव है, कारोबार उत्तम रहेगा किंतु पारिवारिक चिंता भी रहेगी, शत्रु पराजित होंगें, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। नवंबर मास में आर्थिक लाभ सामान्य होगा, पत्नी पक्ष की चिंता रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, रुके कार्य बनेंगें, संतान पक्ष की चिंता रहेगी।वृष राशि दिसंबर 2025 में कारोबार सामान्य होगा, कुछ कार्यों में बाधा भी उत्पन्न होगी। पत्नी पक्ष से प्रसन्नता प्राप्त होगी। विशेष प्रयासों से कार्य बनेंगें। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। जनवरी 2026 में कार्यों में सफलता मिलेगी। रुके कार्य बनेंगें।मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। अपने पराक्रम से आप विशेष लाभ प्राप्त करेंगें ।साधारण पारिवारिक चिंता भी रहेगी। - फरवरी मास में राज्य पक्ष से लाभ संभव है , कारोबार का विस्तार होगा, शत्रु पराजित होंगें , मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। मार्च मास में आर्थिक लाभ उत्तम होगा, कारोबार का विस्तार होगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, यात्राओं द्वारा लाभ होगा। ।

मिथुन (Mithun)

इसका राशि स्वामी बुध है। यह पश्चिम दिशा की स्वामिनी है। यह राशि पुरुष जाति, हरित वर्ण, चिकनी, शूद्र वर्ण, पश्चिम वायु तत्व वाली, ऊष्ण, महाशब्दकारी, मध्यम संतति वाली, शिथिल तथा विषमोदयी है। इसका स्वभाव शिल्पी तथा विद्याध्ययनी है। इसके द्वारा शरीर के कंधों तथा बाजुओं का विचार किया जाता है।

मिथुन राशि - का, की, कू, के, को, हा, छ, घ, ड.- 15- सन 2025 ईस्वी

मिथुन राशि सितंबर मास में आर्थिक लाभ सामान्य होगा, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें , यात्राओं की संभावना अधिक है, स्वभाव में भी कुछ तेजी रहेगी ,संतान पक्ष की चिंता भी इस अवधि में रहेगी। अक्टूबर मास में आर्थिक लाभ उत्तम होगा, कारोबार के विस्तार की संभावना है, संपत्ति द्वारा या संपत्ति का लाभ संभव है। मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें, नवंबर मास में शत्रु पराजित होंगें, शत्रु द्वारा लाभ संभव है ,आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, कारोबार का विस्तर होगा, यात्राओं की अधिकता रहेगी अथवा भाग - दौड़ से लाभ प्राप्त होगा, संतान पक्ष से प्रसन्नता प्राप्त होगी।मिथुन राशि - दिसंबर 2025 में आर्थिक दृष्टि से समय अनुकूल है। पत्नी पक्ष की चिंता रहेगी। कारोबार सामान्य रहेगा। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा तथा मानसिक चिंता भी इस अवधि में बनी रहेगी। स्वास्थ्य साधारण विपरीत रह सकता है। जनवरी 2026 में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, स्वास्थ विपरीत रहेगा। कार्यों में बाधा उत्पन्न होगी। मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा। अपने पराक्रम से ही लाभ प्राप्त करेंगें। फरवरी मास में कार्यों के बनने का हर्ष होगा, मुख्य कार्य बन जाएंगे,मित्रोंसे सहयोग प्राप्त होगा ,आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। मार्च मास में कारोबार उत्तम होगा, रुके कार्य बनेंगें ,आर्थिक लाभ उत्तम होगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

कर्क (Karka)

इसका राशि स्वामी चंद्रमा है। यह उत्तर दिशा की स्वामिनी है। यह राशि स्त्री जाति, रक्त धवल मिश्रित वर्ण, जलचारी, सौम्य तथा कफ प्रकृति वाली, बहुसंतान एवं चरण रात्रिबली तथा समोदयी है। इसका स्वभाव लज्जा, सांसारिक उन्नति के लिए प्रयत्नशील रहना तथा समय के अनुसार चलना है। इसके द्वारा वक्षस्थल पर विचार किया जाता है।

कर्क राशि - ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो सन 2025 ईस्वी कर्क राशि सितंबर मास में परिश्रम से लाभ प्राप्त होगा, कारोबार सामान्य रहेगा, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें, मान प्रतिष्ठा में कुछ कमी रहेगी, स्वास्थ्य की दृष्टि से समय साधारण विपरीत है। अक्टूबर मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी, रुके कार्य बनेंगें, शत्रु पराजित होंगें। नवंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, कारोबार के विस्तार की संभावना है, भूमि - मकान आदि के क्रय या निर्माण की संभावना है, स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी , स्वास्थ्य साधारण विपरीत रह सकताहै।कर्क राशि- दिसंबर 2025 में कारोबार सामान्य रहेगा। धन का अपव्यय अधिक होगा। संतान पक्ष की साधारण चिंता भी रहेगी। मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा। जनवरी 2026 में कारोबार उत्तम होगा। आर्थिक लाभ की दृष्टि से भी समय अनुकूल है। धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी। संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी। व्यय की भी अधिकता होगी। फरवरी मास में कारोबार मध्यम होगा, स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय विपरीत है, मानसिक चिंता भी रहेगी किंतु संतान पक्ष से प्रसन्नता प्राप्त होगी, धन का अपव्यय भी होगा। मार्च मास में कारोबार सामान्य रहेगा, संपत्ति, भूमि, मकान द्वारा लाभ संभव है , आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी, धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी, संतान पक्ष की भी चिंता इस अवधि में बनी रहेगी।

सिंह (Sinh)

इसका राशि स्वामी सूर्य है। यह पूर्व दिशा की स्वामिनी है। यह राशि पुरुष जाति, पीत वर्ण, क्षत्रिय वर्ण, पित्त प्रकृति, अग्नि तत्व वाली, ऊष्ण स्वभाव, पुष्ट शरीर, यात्राप्रिय, अल्प सन्तानविद् तथा निर्जल है। इसका स्वभाव मेष राशि के समान है, परंतु इसमें उदारता एवं स्वातन्त्र्यप्रियता अधिक पाई जाती है। इसके द्वारा हृदय का विचार किया जाता है।

सिंह राशि - मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, सन 2025 ईस्वी सिंह राशि सितंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा ,आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मान प्रतिष्ठा में कुछ कमी रहेगी, संतान पक्ष से प्रसन्नता हो प्राप्त होगी। अक्टूबर मास में कारोबार उत्तम होगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा ,अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें, धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी, संतान पक्ष से प्रसन्नता प्राप्त होगी , पत्नी पक्ष की चिंता रहेगी, यात्राओं की अधिकता संभव है। नवंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल होगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, संतान पक्ष से प्रसन्नता प्राप्त होगी सिंह राशि दिसंबर 2025 में कारोबार उत्तम होगा। मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। संपत्ति का क्रय या निर्माण संभव है। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। जनवरी 2026 में यात्राओं की अधिकता होगी। अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें।शत्रु पराजित होंगें।आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। संतान पक्ष से प्रसन्नता प्राप्त होगी। । फरवरी मास में कारोबार उत्तम होगा, मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, यात्राओं व भाग दौड़ से लाभ प्राप्त होगा, मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। मार्च मास में स्वास्थ्य कुछ विपरीत रहेगा, पत्नी पक्ष की चिंता रहेगी , आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, प्रयासों से कार्यों में सफलता मिलेगी।

कन्या (Kanya)

इसका राशि स्वामी बुध है। यह दक्षिण दिशा की स्वामिनी है। यह राशि स्त्री जाति, पिंगल वर्ण, द्विस्वभाव, वायु तथा शीत प्रकृति, पृथ्वी तत्व वाली, रात्रिबली तथा अल्प सन्तति वाली है। इसका स्वभाव मिथुन राशि जैसा है, परंतु यह अपनी उन्नति तथा सम्मान पर विशेष रूप से ध्यान देती है। इसके द्वारा पेट का विचार किया जाता है।

कन्या राशि - टो, पा, पी, पू, पे, पो, श, ण, ठ - सन 2025 ईस्वी कन्या राशि सितंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल होगी, इस अवधि में अपव्यय की अधिकता होगी, संपत्ति के क्रय आदि करने का भी योग इस अवधि में है। अक्टूबर मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, अपव्यय की भी इस अवधि में अधिकता होगी, साधारण स्वास्थ्य संबंधी चिंता संभव है, पत्नी के स्वास्थ्य की भी इस अवधि में चिंता रहेगी, संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी। नवंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, रुके कार्य बनेंगें अपने परिश्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें, इस अवधि में विशेष योजना की भी संभावना है , मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कन्या राशि दिसंबर मास में कारोबार उत्तम होगा। विशेष परिश्रम से लाभ होगा। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। पत्नी व संतान पक्ष की चिंता रहेगी। जनवरी 2026 में कारोबार उत्तम होगा। रुके कार्य बनेंगें।मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी। स्वयं के स्वभाव में कुछ तेजी भी इस अवधि में रहेगी। फरवरी मास में स्वास्थ्य साधारण विपरीत रहेगा, कारोबार मध्यम होगा, स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी, कार्यों में बाधा इस अवधि में संभव है ,शत्रु कार्यों में अवरोध उत्पन्न करेंगें।मार्च मास में कारोबार मध्यम होगा, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें ,संपत्ति संबंधी कार्यों में सफलता मिलेगी, संतान व पत्नी पक्ष की चिंता रहेगी, स्वयं का स्वास्थ्य भी साधारण विपरीत रहेगा।

तुला (Tula)

इसका राशि स्वामी शुक्र है। यह पश्चिम दिशा की स्वामिनी है। यह राशि पुरुष जाति, श्याम वर्ण, चर संज्ञक, वायु तत्व वाली, दिनबलि, क्रूर स्वभाव, शीर्षोदयी, अल्प सन्ततिवान तथा पादजल राशि है। इसका स्वभाव ज्ञान-प्रिय, राजनीतिज्ञ, विचारशील एवं कार्य सम्पादक है। इसके द्वारा नाभि से नीचे के अंगों का विचार किया जाता है।

तुला राशि - रा, री, रू, रे, रो, त, ती, तू, ते-ा ।

सन 2025 ईस्वी

तुला राशि सितंबर मास में आर्थिक लाभ उत्तम होगा, कारोबार की वृद्धि होगी, दौड़ भाग से विशेष लाभ प्राप्त होगा, संपत्ति संबंधी विवाद संभव है, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, कुछ पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। अक्टूबर मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी , स्वभाव में कुछ तेजी भी रहेगी, संतान पक्ष की चिंता रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नवंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, प्रयासों से कारोबार का विस्तार होगा, पारिवारिक चिंता बनी रहेगी,पत्नी पक्ष से प्रसन्नता संभव है । तुला राशि दिसंबर मास में आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें। कारोबार सामान्य होगा। पत्नी पक्ष से प्रसन्नता होगी। संतान पक्ष की चिंता रहेगी। जनवरी 2026 में कारोबार उत्तम होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। संपत्ति संबंधी कार्य बनेगा। संपत्ति का निर्माण या क्रय संभव है। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। संतान पक्ष की चिंता बनी रहेगी। फरवरी मास में कारोबार सामान्य रहेगा, आर्थिक स्थिति उत्तम होगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, यात्राओं द्वारा लाभ संभव है, संतान पक्ष की चिंता रहेगी। मार्च मास में कारोबार सामान्य होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, साधारण स्वास्थ्य संबंधी चिंता संभव है, संतान संबंधी चिंता रहेगी, स्वभाव में कुछ तेजी भी इस अवधि में संभव है, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा।

वृश्चिक (Vrushchik)

इसका राशि स्वामी मंगल है। यह उत्तर दिशा की स्वामिनी है। यह राशि स्त्री जाति, शुभ वर्ण, कफ प्रकृति, ब्राह्मण वर्ण, उत्तर दिशा की स्वामिनी, रात्रिबली, बहु सन्ततिवान तथा अर्द्धजल तत्व वाली है। इसका स्वभाव स्पष्टवादी, निर्मल, दृढ़ प्रतिज्ञ, हठी तथा दम्भी है। इसके द्वारा जननेन्द्रिय का विचार किया जाता है।

वृश्चिक राशि -तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू -सन 2025 ईस्वी वृश्चिक राशि सितंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक लाभ की दृष्टि से समय अनुकूल है ,कारोबार के विस्तार की भी संभावना है। साधारण उदर विकार रहेगा, पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। अक्टूबर मास में कारोबार माध्यम होगा, दौड़ भाग से ज्यादा लाभ प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, मान प्रतिष्ठा में कुछ कमी रहेगी। नवंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी ,दौड़ भाग से लाभ अधिक होगा, धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी। वृश्चिक राशि दिसंबर मास में करोबार सामान्य रहेगा। आर्थिक लाभ की दृष्टि से समय अनुकूल है। दौड़ भाग या यात्राओं से विशेष लाभ प्राप्त होगा। कुछ उदर विकार भी इस अवधि में रहेगा एवं स्वभाव में तेजी रहेगी। जनवरी 2026 में कारोबार सामान्य रहेगा। रुके कार्य बनेंगें ।अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें।मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। कुछ उदर विकार भी रहेगा। फरवरी मास में कारोबार उत्तम होगा, दौड़ - भाग या यात्राओं से लाभ होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी , अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें ,संतान पक्ष की चिंता भी इस अवधि में बनी रहेगी। मार्च मास में कारोबार उत्तम होगा, पत्नी पक्ष से प्रसन्नता होगी आर्थिक लाभ उत्तम होगा। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। यात्राओं की अधिकता इस अवधि में हो सकती है।

 

धनु (Dhanu)

इसका राशि स्वामी गुरु है। यह पूर्व दिशा की स्वामिनी है। यह राशि पुरुष जाति, स्वर्ण वर्ण, द्विस्वभाव, क्षत्रिय वर्ण, दिनबली, पित्त प्रकृति, अग्नि तत्व वाली, अल्प सन्ततिवान, दृढ़ शरीर तथा अर्द्धजल तत्व वाली राशि है। इसका स्वभाव करुणामय, मर्यादाशील तथा अधिकारप्रिय है। इसके द्वारा पाँवों की संधि तथा जंघाओं पर विचार किया जाता है।धनु राशि - ये, यो, भा, भी, भू, ध, फ, ढ़, भे सन 2025 ईस्वी धनु राशि सितंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक लाभ की दृष्टि से समय अनुकूल है, रुके कार्य बनेंगें, मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, राज्य पक्ष से भी लाभ संभव है। अक्टूबर मास में कारोबार उत्तम होगा ,आर्थिक लाभ की दृष्टि से समय अनुकूल है, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें, धार्मिक कार्यों में रुचि इस अवधि में रहेगी। नवंबर मास में कारोबार मध्यम रहेगा, परिश्रम अधिक लाभ कम होगा, आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा। धनु राशि दिसंबर मास में कारोबार माध्यम होगा। परिश्रम अधिक करना पड़ेगा तथा स्वभाव में तेजी रहेगी। मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा। पत्नी पक्ष की चिंता रहेगी। जनवरी 2026 में कारोबार सामान्य होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल होगी। दौड़ भाग से कार्यों में सफलता मिलेगी। मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा। फरवरी मास में आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, कारोबार सामान्य होगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी। मार्च मास में संपत्ति द्वारा लाभ संभव है या संपत्ति का क्रय या निर्माण संभव है, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, पारिवारिक प्रसन्नता होगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, कारोबार के विस्तार की भी संभावना है।

मकर (Makar)

इसका राशि स्वामी शनि है। यह दक्षिण दिशा की स्वामिनी है। यह राशि स्त्री जाति, पिंगल वर्ण, रात्रिबली, वैश्य वर्ण, पृथ्वी तत्व वाली, शिथिल शरीर तथा वात प्रकृति वाली है। इसका स्वभाव उच्च स्थिति का अभिलाषी है। इसके द्वारा पाँव के घुटनों का विचार किया जाता है।मकर राशि भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी सन 2025ईस्वी मकर राशि सितंबर मास में कारोबार मध्यम होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी किन्तु व्यय भी अधिक होगा, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें, मित्रों का सहयोग प्राप्त नहीं होगा। अक्टूबर मास में कारोबार सामान्य होगा, आर्थिक स्थिति उत्तम होगी ,अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें, व्यय की भी अधिकता होगी, संतान पक्ष की चिंता रहेगी। नवंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक लाभ की दृष्टि से समय अनुकूल है, कारोबार के विस्तार की संभावना है, संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी, धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी, रुके कार्य बनेंगें, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें, विवाद से लाभ संभव मकर राशि दिसंबर मास में कारोबार उत्तम होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। यात्राओं द्वारा लाभ संभव है। धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी। अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें।धन का व्यय अधिक होगा। कुछ उदर विकार की भी संभावना है। जनवरी 2026 में कारोबार उत्तम होगा। आर्थिक लाभ की दृष्टि से समय अनुकूल है। स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी। संपत्ति का लाभ या संपत्ति का क्रय इस अवधि में संभव है। स्वास्थ्य की दृष्टि से समय साधारण प्रतिकूल है। यात्रा या दौड़ भाग से लाभ प्राप्त होगा। फरवरी मास में स्वभाव में तेजी रहेगी, संपत्ति का लाभ या संपत्ति के द्वारा लाभ या संपत्ति का क्रय या निर्माण आदि की इस अवधि में संभावना है। अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें ,कारोबार की स्थिति अनुकूल रहेगी ,आर्थिक स्थिति भी अनुकूल रहेगी, साधारण उदर विकार इस अवधि में संभव है। मार्च मास में कारोबार उत्तम होगा, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, स्वभाव में कुछ तेजी रहेगी, संतान से प्रसन्नता प्राप्त होगी, उदर विकार द्वारा स्वयं को कुछ पीड़ा संभव है।

 
 

कुंभ (Kumbha)

इसका राशि स्वामी शनि है। यह पश्चिम दिशा की स्वामिनी है। यह राशि पुरुष जाति, विचित्र वर्ण, वायु तत्व वाली, शूद्र वर्ण, त्रिदोष प्रकृति वाली, ऊष्ण स्वभाव, अर्द्धजल, मध्यम संतान वाली, शीर्षोदय, क्रूर तथा दिनबली है। इसका स्वभाव शांत, विचारशील, धार्मिक तथा नवीन वस्तुओं का आविष्कारकर्ता है।कुम्भ राशि - गु,गे,गो,सा,सी,सू,स,सन 2025ईसवी कुंभ राशि सितंबर मास में आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, मित्रों से से प्राप्त होगा, कारोबार सामान्य रहेगा, संतान से प्रसन्नता प्राप्त होगी। अक्टूबर मास में कारोबार की स्थिति अनुकूल रहेगी, आर्थिक लाभ की दृष्टि से समय अनुकूल है, मित्रों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा ,शत्रु पराजित होंगें, संतान पक्ष से प्रसन्नता होगी। नवंबर मास में कारोबार उत्तम होगा, कारोबार के विस्तार की संभावना है, रुके कार्य बनेंगें, धार्मिक कार्य में रुचि रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी किंतु मानसिक चिंता बनी रहेगी। कुंभ राशि दिसंबर मास में कारोबार उत्तम होगा। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। राज्य पक्ष से लाभ संभव है। पत्नी पक्ष की चिंता रहेगी। संपत्ति का लाभ भी संभव है। जनवरी मास में कारोबार उत्तम होगा। रुके कार्य बनेंगें। दौड़ भाग से विशेष लाभ होगा। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। कुछ पारिवारिक चिंता भी बनी रहेगी। यात्रा की भी संभावना है। फरवरी मास में कारोबार उत्तम होगा, दौड़ भाग से लाभ में वृद्धि होगी, रुके कार्य बनेंगें ,मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, संतान पक्ष से प्रसन्नता प्राप्त होगी। मार्च मास में कारोबार सामान्य रहेगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, अपने पराक्रम से विशेष लाभ प्राप्त करेंगें ,यात्रा द्वारा लाभ संभव है, संपत्ति का लाभ या संपत्ति के द्वारा लाभ भी संभव है। मानसिक चिंता बनी रहेगी।

 

मीन (Meen)

इसका राशि स्वामी गुरु है। यह उत्तर दिशा की स्वामिनी है। यह राशि स्त्री जाति, पिंगल वर्ण, जल तत्व वाली, ब्राह्मण वर्ण, कफ प्रकृति तथा रात्रिबली है। यह पूर्ण रूप से जल राशि है। इसका स्वभाव दयालु, दानी तथा श्रेष्ठ है। इसके द्वारा पैरों का विचार किया जाता है।मीन राशि - दी,दू,थ,झ,´,दे,दो,चा सन 2025ईस्वी मीन राशि सितंबर मास में कारोबार उत्तम होगा ,आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, पारिवारिक प्रसन्नता होगी, अपव्यय की भी अधिकता होगी ।अक्टूबर मास में स्वास्थ्य साधारण विपरीत रहेगा ,कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, अपने पराक्रम से लाभ प्राप्त करेंगें, पारिवारिक प्रसन्नता होगी। नवंबर मास में कारोबार सामान्य होगा, दौड़ भाग से विशेष लाभ प्राप्त होगा, रुके कार्य बनेंगें, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा, धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी, अपव्यय की भी अधिकता होगी। मीन राशि दिसंबर मास में कारोबार उत्तम होगा। कार्यों में सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। राज्य पक्ष से लाभ संभव है। मान सम्मान में वृद्धि होगी। व्यय की भी अधिकता रहेगी। दौड़ भाग से लाभ प्राप्त होगा। जनवरी मास में कारोबार उत्तम होगा। कारोबार के विस्तार की संभावना है। मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। लाभकारी योजना बनेगी। व्यय की भी अधिकता होगी। फरवरी मास में कारोबार उत्तम होगा, आर्थिक लाभ की दृष्टि से समय अनुकूल है, आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, रुके कार्य बनेंगें ,यात्रा द्वारा लाभ संभव है ,इस अवधि में पत्नी पक्ष की चिंता संभव है। मार्च मास में कारोबार सामान्य होगा ,आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी, अपव्यय की अधिकता होगी, मान सम्मान में कुछ कमी रहेगी, मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा ,संपत्ति द्वारा लाभ संभव है। स्वर्ण पाद का शनि मिश्रित फल देता है। रजत पाद का शनि शुभ फल देता है। ताम्र पाद का शनि भी शुभ फल प्रदान करता है एवं लोह पाद का शनि पीड़ा कारक होता है। ग्रहों का उपचार राहु की शांति दान हेतु जौ, चित्रा राजमा की दाल, गहथ की दाल, नमक, काला वस्त्र दक्षिणा सहित दान करना चाहिये।राहु की शांति हेतु त्रिगुणित राहु के मंत्र 54000 का योग्य ब्राह्मण से जप करवाना चाहिए तथा दुर्वा की समिधा से हवन कराना लाभप्रद रहता है । 2.केतु की शांति तिल, चित्राराजमा, काला वस्त्र ,एक चाकू एवं लहसुनिया पत्थर दान करें एवं योग्य ब्राह्मण से केतु की शांति के लिए त्रिगुणित 51 हजार जप करवाएं एवं कुशा की समिधा से हवन कराना लाभप्रद रहेगा। 3.बृहस्पति की शांति पीली चने की दाल पीला वस्त्र कांशी की कटोरी में घी पीले पके केले एवं हल्दी दक्षिणा सहित ब्राह्मण को दान करनी चाहिए तथा गुरु की शांति के लिए त्रिगुणित 57000 जप योग्य ब्राह्मण से कराने चाहिए। 4.शनि की शांति शनि की शांति के लिए 69000 शनि के मंत्र का जप कराना चाहिए तथा शनि की समिधा शमी से होम कराना लाभप्रद रहता है । 5.शनि की साढ़े साती व ढ़ैया की षान्ति हेतु महामृत्युंजय के सवा लाख जप तथा शनि के दान व जप कराने चाहिये । काली उड़द, काला वस्त्र, लोहे के छाया पात्र में सरसों का तेल भरकर अपनी छाया देखकर दक्षिणा डालकर दान करें।

 
 

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